Wednesday, April 28, 2010

Samarpan

कुछ  ऐसी  
कशिश  है 
तेरे  इंतज़ार  में  .
डर  लगता  है
अब  तो     
 कहीं  आ ही  न  जाओ  तुम  .

अब हम कहाँ रहे हम
हम तुममें खो चुके हैं
जब खुद को दूंद लोगे
तब हमको पाओगे तुम  .

1 comment:

  1. ....बहुत सुन्दर,प्रभावशाली रचना !!!

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